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रिश्ता यही होगा तुमसे, हालात चाहे कैसे भी हों.....

rista yahi hoga tumse,halat chahe kaise bhi ho.....
रिश्ता यही होगा तुमसे,
हालात चाहे कैसे भी हों,
एक अजीब सी चाहत है तुझसे,
जो शब्दों में न ढल पाती,
रिश्ता कुछ ऐसा है तुझसे,
जिसके बिन न धड़कन चल पाती,
तू खुश हो तो मैं भी हँस दूँ,
अगर तू उदास तो मैं भी चुप,
हर बात तेरी दिल को भाती,
जैसे भाती सर्दी की धूप,
बस यही प्यार बनाये रखना,
जज़्बात चाहे कैसे भी हों,
रिश्ता यही होगा तुमसे,
हालात चाहे कैसे भी हों,
दिल बाग़ बाग़ हो जाता जब,
परवाह तू मेरी करती है,
बिलकुल अपना सा लगता है,
जब यूँही तू मुझसे झगड़ती है,
पर कोशिशें सारी मेरी,
इक पल में फींकी लगती है,
जब कभी तू टूट कर,
मेरे पास आ कर रोती है,
दुआ है तू खुशियों में रहे,
चाहे मुझसे दूरियों में रहे,
कदर दिल में हर बार रहेगी,
मुलाक़ात हो चाहे ना भी हो,
रिश्ता यही होगा तुमसे,
हालात चाहे कैसे भी हों!

2 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

Waoooo n thnx.. for such a lovely poem

Unknown ने कहा…

U deserve it..