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| kal fir tumse muhabbat hogi.. |
कल फिर से कुछ गीले होंगे,
ख्वाबों का वो कारवां होगा,
फिर से वही सिलसिले होंगे,
तू दूर हो गई बेशक पर,
बदला न मेरा इरादा है,
फिर दिल मेरा कैसे भड़े जब,
सात जन्मों का तुमसे वादा है,
अगले जन्म में भी यूँही,
राहें तकूँगा मैं तेरी,
चल इस जन्म में ना सही,
अगली दफा तू होगी मेरी,
फूल ये वफाओं के जहां में,
कहाँ ऐसे कभी खिले होंगे,
कल फिर तुमसे मुहब्बत होगी,
कल फिर से कुछ गीले होंगे,
ख्वाबों का वो कारवां होगा,
फिर से वही सिलसिले होंगे,
तू दूरियों में बेशक रह,
पर दिल में तू ही रहेगी,
मैं हारने वाला नहीं,
चाहे तू कुछ भी कहेगी,
समझाएगी तू तुम बिन जीने,
या संभलने को कहेगी,
चाहे लाख कोशिश करेगी तू,
पर दिल में तू ही रहेगी,
मैं राहें तेरी देखूंगा,
आखिरी सांस के टूटने तक,
शाम के ढलने से ले के,
सुबहों की लाली फूटने तक,
याद रखेगा जहाँ हमें,
कहाँ ऐसे दिल मिले होंगे,
कल फिर तुमसे मुहब्बत होगी,
कल फिर से कुछ गीले होंगे,'
ख्वाबों का वो कारवां होगा,
फिर से वही सिलसिले होंगे!

2 टिप्पणियां:
Omg..its amazing
Thanks..enjoy it
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